दोस्तों, एक्सीडेंट होना कोई अच्छी बात तो नहीं है, पर गाड़ी रोड पर चलेगी तो यह संभव भी है। जब आपकी कार का एक्सीडेंट होता है—खासकर छोटा-मोटा—तो आपके मन में एक ही सवाल आता है कि "एक साल में कार बीमा के लिए कितनी बार claim कर सकते हैं?" आज मैं आपको इस पोस्ट में यही बताने वाला हूँ।
दोस्तों, कार लेना हर किसी मिडिल क्लास व्यक्ति का सपना होता है और जैसे-तैसे वह ले भी लेता है ताकि अपनी फैमिली को सुरक्षित रोड पर लेकर चल सके। यह तो हुई फैमिली की सुरक्षा। अब गाड़ी की सुरक्षा की बात आती है, तो उसके लिए आपको नियम के अनुसार बीमा कराना होता है।
अब जब गाड़ी रोड पर चलेगी तो सीधी सी बात है कि एक्सीडेंट भी हो सकता है। यदि बड़ा एक्सीडेंट हो जाता है, तो आपको क्लेम करना ही है बिना कुछ सोचे, और कर भी देना चाहिए। पर जब छोटे-मोटे स्क्रैच लगते हैं, तो आप सोचते हैं— "मैं कार बीमा का दावा कितनी बार कर सकता हूँ?"
अक्सर मैंने देखा है कि कई लोग जिनको क्लेम लिमिट पता नहीं होती है, वह छोटे से एक्सीडेंट में भी क्लेम लेने आ जाते हैं। फिर मैं उनको समझाता हूँ कि आपकी गाड़ी में इतने क्लेम हैं सोच लीजिए। बहुत से लोग समझ जाते हैं, पर कुछ लोग फिर भी क्लेम कर देते हैं।
एक साल में कार बीमा के लिए कितनी बार claim कर सकते हैं?
तो चलिए, एक साल में आप कितनी बार क्लेम ले सकते हैं और कितनी लिमिट होती है, इसका पूरा गणित समझते हैं। और जानते हैं कि बार-बार क्लेम लेने में फायदा है या नुकसान।
आपको बिल्कुल सरल भाषा में कहें तो IRDAI के अनुसार यदि आपकी नॉर्मल पॉलिसी है, तो आप कितनी भी बार क्लेम कर सकते हैं, इसकी कोई सीमा नहीं होती है। अब बात आती है यदि आपकी पॉलिसी में कुछ ऐड-ऑन कवर हैं, तो कंडीशन कैसी होगी।
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1. यदि आपकी पॉलिसी Normal / Standard है
जैसा कि मैंने आपको ऊपर बताया है कि आप नॉर्मल पॉलिसी में एक साल में कितनी बार भी क्लेम कर सकते हैं, इसकी कोई सीमा नहीं होती है। आप चाहे जितनी बार भी क्लेम लें, हर क्लेम पर आपको साल्वेज/घिसाई का चार्ज (30% से 50% तक) अपनी जेब से देना होता है एवं फाइल चार्ज (कंपल्सरी डिडक्टिबल IMT 22 के तहत) भी देना होता है।
2. यदि आपकी पॉलिसी में Zero Dep cover है
पॉलिसी में ज़ीरो डेप कवर होने पर आपको कोई-कोई कंपनी 2 ही क्लेम देती हैं एक साल के पॉलिसी पीरियड में। कुछ बीमा कंपनियां आपको 2 से ज्यादा क्लेम भी देती हैं, जैसे 3 या 4। अब पॉलिसी जो वर्कशॉप के द्वारा की जाती हैं और जो आप खुद कराते हैं, उनमें क्लेम लिए जाने की लिमिट अलग-अलग हो सकती है।
यदि आपकी ज़ीरो डेप पॉलिसी में एक साल में 2 ही क्लेम लेने की लिमिट है और आप तीसरी बार क्लेम लेते हैं, तो वह पॉलिसी नॉर्मल हो जाएगी। फिर आपको आधा चार्ज जेब से देना हो सकता है, इसलिए क्लेम करते वक्त ध्यान रखें।
टाइअप पॉलिसी (डीलर पॉलिसी): जब आप नयी गाड़ी लेते हैं, तो डीलर आपको गाड़ी के साथ में पॉलिसी करके देता है या आप डीलर के थ्रू ही अपनी पॉलिसी रिन्यू कराते हैं। इसे टाइअप पॉलिसी कहते हैं और इसमें आपको 2 से लेकर अनलिमिटेड क्लेम का ऑप्शन मिलता है ज़ीरो डेप के तहत।
नॉन-टाइअप पॉलिसी (डायरेक्ट पॉलिसी): ऐसी पॉलिसी जो आप खुद करते हैं ऑनलाइन या सीधे बीमा कंपनी जाकर किसी एजेंट के थ्रू कराते हैं, इसे डायरेक्ट पॉलिसी कहते हैं। इसमें आपको ज़ीरो डेप के तहत एक साल में 2 से 4 बार क्लेम तक करने की लिमिट दी जाती है।
मेरी सलाह: यदि आपकी गाड़ी नयी है, तो हमेशा डीलर के थ्रू ही पॉलिसी कराएँ और उसमें अनलिमिटेड क्लेम का ऑप्शन ही चुनें। क्योंकि डीलर पॉलिसी में आपको कैशलेस के साथ जल्दी क्लेम सेटलमेंट भी मिल जाता है। आप अपनी पॉलिसी में ऐड-ऑन्स के ऑप्शन में पढ़ सकते हैं कि निल डेप (Nil Dep) के तहत एक साल में कितने क्लेम लिखे हैं, यह सब पॉलिसी पर लिखा होता है।
(आप पॉलिसी कॉपी में साफ देख सकते हैं जहाँ लिखा होता है: "Unrestricted number of claims can be availed under Nil Depreciation." इसका मतलब है कि आप एक साल में ज़ीरो डेप के तहत कितने भी क्लेम ले सकते हैं, क्लेम लेने की कोई सीमा नहीं है।)
बार-बार क्लेम लेने में फायदा है या नुकसान!
देखिए, पहली बात तो यह है कि जब गाड़ी की पॉलिसी कराई गई है, तो सीधी सी बात है कि एक्सीडेंट होगा तो क्लेम भी लेना ही होगा। सच पूछिए तो जब हम ग्राहक से बोलते हैं कि "आप क्लेम न लें, यह तो छोटा सा डैमेज है", तो उनका साफ कहना होता है कि "पॉलिसी किसलिए कराई है फिर?" लेकिन इसमें थोड़ा सोच-समझकर बात करते हैं।
देखिए, यदि आपकी गाड़ी का एक्सीडेंट बड़ा या मेजर हो, जब रिपेयर एस्टीमेट की लागत ज़्यादा हो, तो बिल्कुल आपको बिना कुछ सोचे-समझे क्लेम लेना चाहिए।
पर यदि डैमेज छोटे-छोटे हों—जैसे ₹4,000 से ₹5,000 तक का नुकसान—और आप बार-बार क्लेम लेते हैं, तो यह सही नहीं है।
क्योंकि अगर आप ₹5,000 का क्लेम ले रहे हैं, तो ₹1,000 (1500cc से कम गाड़ी के लिए) या ₹2,000 (1500cc से ऊपर की गाड़ी के लिए) तो हर बार आपको फाइल चार्ज (Compulsory Deductible) के रूप में अपनी जेब से देना ही पड़ रहा है।
तो इसमें क्या फायदा हुआ? आपका NCB (No Claim Bonus) भी चला गया और साथ ही बीमा कंपनी के रिकॉर्ड में आपकी क्लेम हिस्ट्री भी खराब हो जाती है। इसलिए बार-बार क्लेम लेने के बजाय, क्लेम केवल तभी लें जब नुकसान ज़्यादा बड़ा हो!
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Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. क्या 1 साल में 2 बार ज़ीरो डेप क्लेम लेने के बाद तीसरी बार क्लेम नहीं मिलेगा?
Ans: क्लेम तो बिल्कुल मिलेगा! लेकिन अगर आपकी पॉलिसी में केवल 2 बार ज़ीरो डेप क्लेम की ही लिमिट थी, तो तीसरी बार का क्लेम 'स्टैंडर्ड पॉलिसी' की तरह प्रोसेस होगा। उसमें आपको पार्ट्स की घिसाई (30% से 50% डिप्रिसिएशन) का पैसा अपनी जेब से देना पड़ेगा।
Q2. यदि गाड़ी में बहुत छोटा स्क्रैच या डेंट आया है, तो क्या क्लेम लेना चाहिए?
Ans: छोटे-मोटे रिपेयर में क्लेम लेने से बचना चाहिए। क्योंकि क्लेम करने पर आपको फाइल चार्ज (₹1,000 या ₹2,000) देना ही पड़ता है और साथ ही अगले साल मिलने वाला No Claim Bonus (NCB) डिस्काउंट भी खत्म हो जाता है।
Q3. क्या अनलिमिटेड क्लेम वाली पॉलिसी का प्रीमियम महंगा होता है?
Ans: हाँ, जिस ज़ीरो डेप पॉलिसी में क्लेम करने की कोई लिमिट (Unrestricted Claims) नहीं होती, उसका प्रीमियम 2 क्लेम लिमिट वाली पॉलिसी की तुलना में थोड़ा सा ज्यादा होता है।
Q4. पॉलिसी में कितने क्लेम बचे हैं, यह कैसे पता करें?
Ans: यह जानने के लिए आप अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी के शेड्यूल्स और ऐड-ऑन (Nil Dep) वाले सेक्शन को ध्यान से पढ़ें। या फिर अपनी बीमा कंपनी के कस्टमर केयर पर कॉल करके अपनी पॉलिसी का क्लेम स्टेटस पूछ सकते हैं।
Q5. अगर एक ही साल में 3-4 बार बड़े एक्सीडेंट हो जाएं, तो क्या बीमा कंपनी क्लेम देने से मना कर सकती है?
Ans: नहीं, जब तक आपकी गाड़ी का कुल क्लेम अमाउंट पॉलिसी में तय IDV (गाड़ी की कुल कीमत) से ज्यादा न हो जाए, बीमा कंपनी क्लेम देने से मना नहीं कर सकती।
वर्कशॉप मैनेजर की बात (Summary)
इस पूरे विषय का निचोड़ यही है कि गाड़ी का बीमा कराते समय कागज़ों को ध्यान से पढ़ना बहुत ज़रूरी है। अगर आपकी कार नयी है, तो डीलर टाइअप वाली अनलिमिटेड ज़ीरो डेप पॉलिसी चुनना सबसे सही फैसला होता है। छोटे डैमेज खुद बनवा लें ताकि आपका NCB सुरक्षित रहे, और जब गाड़ी में बड़ा नुकसान हो तभी बीमा क्लेम का फायदा उठाएँ।
अगर आपकी कार के क्लेम या पॉलिसी लिमिट को लेकर कोई भी डाउट है, तो नीचे कमेंट करके बेझिझक पूछें!